ये है भारत की सबसे कम हाइट वाली वकील, लोग ताने मार करते थे डिमोटिवेट, हाइट है 3 फ़ुट 11 इंच की

समाज के कुछ लोगों की एक बहुत ही बुरी आदत है। वे रंग, जाति, धर्म, वजन, हाइट इत्यादि चीजों को लेकर अक्सर लोगों का मजाक उड़ाते हैं। बल्कि होना ऐसा चाहिए कि व्यक्ति के टेलेंट और व्यवहार कों देख उसे पूर्ण मान सम्मान दिया जाना चाहिए। भगवान ने किसे कैसा रूप दिया है उस पर कमेंट नहीं करना चाहिए।

अब पंजाब के जालंधर के रामामंडी में रहने वाली 24 साल की हरविंदर कौर उर्फ़ रूबी को ही ले लीजिए। हरविंदर की हाइट 3 फ़ुट 11 इंच है। उनके छोटे कद की वजह से स्कूल, मोहल्ला, पब्लिक प्लेस हर जगह उनका काफी मजाक उड़ाया गया। सोशल मीडिया पर उन पर कई भद्दे कमेंट्स किए गए। लेकिन उन्होंने इन सबसे खुद को डिमोटिवेट नहीं होने दिया। बल्कि एक खास मुकाम पर पहुंच सबका मुंह बंद कर दिया।

3 फ़ुट 11 इंच की हरविंदर वर्तमान में पंजाब की जालंधर कोर्ट में एडवोकेट है। वे भारत की सबसे छोटे कद की वक़ील भी हैं। हरविंदर का बचपन बहुत ही मुश्किलों से भरा था। उनकी फिजिकल ग्रोथ नहीं हो रही थी। ऐसे में माता पिता ने उन्हें कई डॉकटरों को दिखाया, दवाईयां खलाई, मेडिटेशन करवाया, लेकिन कुछ फायदा नहीं हुआ।

हरविंदर बचपन से एयर होस्टेस बनना चाहती थी, लेकिन अपनी कम हाइट की वजह से उन्हें अपना ये सपना छोड़ना पड़ा। कम हाइट की वजह से हरविंदर को इतने ताने सुनने पड़ते थे कि वह सुसाइड करने के बारे में भी सोचने लगी थी। हालांकि उनकी जिंदगी में असली बदलाव तब आया जब 12वीं करने के बाद उन्होंने मोटीवेशनल वीडियोज देखना शुरू कर दिया।

इन वीडियोज को देख उनके अंदर आत्मविश्वास आया। उन्होंने खुद को जैसी हैं वैसी ही स्वीकार कर लिया। उन्होंने ठान लिया कि वह अपनी लाइफ में कुछ अच्छा कर के दिखाएंगी। फिर कॉलेज लाइफ में उनकी जिंदगी थोड़ी आसान हो गई। वह लॉ की पढ़ाई पर फोकस करने लगी। आखिर उनकी मेहनत रंग लाई और वह एक एडवोकेट बन गई। अब भविष्य में वे जज भी बनना चाहती हैं।

हरविंदर बताती हैं कि वे जब भी कहीं बाहर होती है तो उन्हें न जानने वाले लोग बच्ची की तरह ही ट्रीट करते हैं। कई बार तो लोग उन्हें बच्ची समझ हाथ में टॉफी – चॉकलेट थमा देते हैं। एक बार कोर्ट रुम में रीडर ने वक़ीलों से ये यह तक कह दिया था कि इस बच्ची को वकील के कपड़े पहना क्यों ले आए हो? बाद में उनके साथ वकीलों ने बताया कि ये भी एक वकील हैं।

हरविंदर जालंधर कोर्ट में क्रिमिनल केस लड़ती हैं। उन्होंने बीते वर्ष ही LLB पूरा किया था। 23 नवंबर 2020 को उन्हें ‘बार काउंसलिंग ऑफ़ पंजाब एंड हरियाणा’ द्वारा लाइसेंस व एनरोलमेंट सर्टिफ़िकेट दिया गया था। वे वकील की जॉब करने के साथ साथ ज्यूडिशियल सर्विसिज की तैयारी भी कर रही हैं। उनके पिता शमशेर सिंह फिल्लौर ट्रैफ़िक पुलिस में ASI हैं। वहीं मां सुखदीप कौर एक हाउसवाइफ़ हैं।

वैसे आपको ये नन्हीं वकील कैसी लगी?

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