पुलिस ने पकड़ी अनोखी चोर गैंग, बंदरों का इस्तेमाल कर देते थे लूट की वारदात को अंजाम, जाने कैसे

देशभर में चोरी चकारी के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। आमतौर पर चोर किसी राह चलते इंसान को लूटने के लिए चाकू या बंदूक जैसी चीजों का डर बताते हैं। लेकिन दिल्ली में एक चोर गैंग ऐसी भी है जो लोगों को बंदर का डर दिखा उनसे लूटपाट करती थी। हाल ही में पुलिस ने इस गिरोह के दो सदस्यों को हिरासत में लिया है। गैंग का तीसरा बंदा अभी भी फरार है। फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

पुलिस को इस गैंग के सदस्यों के पास से कुछ बंदर भी मिले हैं। उन्होंने इन बंदरों को बरामद कर वन्यजीव एसओएस केंद्र को सौंप दिया है। आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस उनसे पूछताछ कर लूट का सहकार हुए पीड़ितों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

बताया जा रहा है कि बंदरों का इस्तेमाल कर लोगों को लूटने वाली यह गैंग पिछले काफी दिनों से दिल्ली में लोगों से लूटमार और झपटमारी कर रही है। ये गैंग बंदरों का इस्तेमाल कर लोगों को डराते धमकाते थे और फिर उन्हें लूट भाग जाते थे। इस तरह वे अभी तक बंदरों के माध्यम से लोगों से हजारों रुपए और कई कीमती सामान चुरा चुके हैं।

इस गैंग का पर्दा फ़ाश तब हुआ जब एक व्यक्ति ने इन आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। उसने बताया कि कैसे दो लोगों ने मेरे ऊपर बंदर छोड़ मुझ से 6 हजार रुपए लूट लिए। पुलिस को भी बीते एक महीने से इस गैंग की तलाश थी। इस व्यक्ति के शिकायत दर्ज करवाने के बाद उन्हें इनके बारे में और भी जानकारी मिल गई।

जब एक के बाद एक कई वारदातें हुई तो पुलिस के ऊपर भी इस गैंग को पकड़ने का प्रेशर बड़ा। उन्होंने अपनी जांच पड़ताल के माध्यम से उनके बारे में पता लगा लिया। वे लुटेरों पर कई दिनों तक नजर रखने लगे। फिर शुक्रवार के दिन पुलिस ने इस गैंग के दो लोगों को रंगे हाथों पकड़ लिया। पुलिस को इन लुटेरों के ठिकाने से कई बंदर भी मिले हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों पर कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई करने में लगी हुई है।सोशल मीडिया पर भी ये मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। हर कोई चोरों की निंदा कर रहा है। उनका कहना है कि इस तरह चोरी के लिए बंदरों का इस्तेमाल करना सरासर गलत है। ये जानवरों के अधिकार का हनन है। वैसे इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है? क्या आपका सामना कभी ऐसे चोरों से पड़ा है?

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