पापा के साथ चाय की दुकान पर काम करने वाला बना CA, स्टोरी जो हर गरीब के लिए है प्रेरणा

कहते हैं कि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती है। यदि आप सपने देखते हैं और उसे पूरा करने की एक बार ठान लेते हैं तो फिर यह आपकी मेहनत, लगन और हुनर ​​पर निर्भर करता है कि आपका सपना पूरा होगा या नहीं। हम में से कई लोग सपने न पूरे होने के लिए सुख सुविधाओं न मिलने के बहाने बनाते हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी लोग हैं जो अपने सपने पूरे करने के बावजूद बेहद कम सुविधाओं के साथ हैं।

अब आगरा शहर के मनोज कुमार अग्रवाल को ही ले जाएगा। बात 2016 की है। तब मनोज की उम्र करीब 22 साल थी। उस समय उनका नाम अचानक से अख़बार और टीवी चैनल पर उछला था। इसकी वजह मनोज की गरीब परिवार से होने के बावजूद सीए बनने की कहानी थी।

मनोज आगरा के नेशनल हाईवे -2 के पास अपने पिता संग चाय की दुकान में हाथ बँटाते थे। इसके साथ ही वे करियर पर फोकस करते हुए अध्ययन भी किया करते थे। मनोज के पांच और भाई बहन है। वे सभी में सबसे अधिक पढ़े लिखे हैं। मनोज को पढ़ाई करने की प्रेरणा अपने पिता की स्थिति और आत्मविश्वास देखने को मिली।

मनोज अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने पिता को देते हैं। वे बताते हैं कि यदि मेरे पिता मेरा सपोर्ट नहीं करते तो आज मैं इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाता। मेरे पिता कभी स्कूल नहीं गए। परिवार का पेट पालने के लिए उन्होंने ससुराल के होटल में काम भी किया। पिता की मेहनत देखकर ही मुझे कुछ कर गुजरने की इच्छा हुई।

आज मनोज सीए बनकर अपने परिवार का नाम ऊंचा कर रहे हैं। अपनी फैमिली को एक अच्छी लाइफस्टाइल भी दे रहे हैं। मनोज अपनी सफलता का राज कड़ी मेहनत को बताते हैं। वे रोजाना दिन में 6 से 7 घंटे सिर्फ पढ़ाई करते थे। इसके अलावा दिन के दो घंटे पिताजी की चाय की दुकान को भी देते थे।

मनोज को इस बात की खुशी है कि वे आज एक अच्छे मुकाम पर पहुंच गए हैं और पिता की तरह चाय नहीं बेच रहे हैं। मनोज की कहानी उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो यह सोचते हैं कि सपने पूरे करने के लिए इंसान का अमीर होना जरूरी है। पर ऐसा नहीं है। एक गरीब व्यक्ति भी अपने सभी सपनों को पूरा कर सकता है।

वैसे आपको मनोज की ये कहानी कैसी लगी हमे कमेंट कर जरूर बताएं। साथ ही इसे साझा करें ताकि बाकी लोग भी मनोज से प्रेरणा लेकर कुछ बन सकें।

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