निसंतान महिला ने तांत्रिक से सीखा काला जादू, पड़ोसी के बच्चे को ले गई कमरे में और..

देश हमारा दिन दुगुनी रात चौगुनी तरक्की कर रहा है। हम 21वीं सदी में प्रवेश कर चुके हैं। देश को डिजिटल इंडिया बनाने की बात चल रही है। लेकिन फिर भी कुछ लोग अंधविश्वास के दलदल में फंसे हैं। तंत्र-मंत्र, काला जादू (Black Magic) और मानव बलि जैसी चीजें करते हैं। अब दिल्ली (Delhi) के रोहिणी स्थित रिठाला (Rithala) इलाके की यह घटना ही ले लीजिए। यहां एक महिला ने संतान प्राप्ति के लिए अपने पड़ोस में रहने वाले बच्चे की ही बलि दे दी।

दरअसल रिठाला में एक बिल्डिंग मे रहने वाली महिला की कोई संतान नहीं थी। ऐसे में वह एक तंत्रित के पास गई। उसने उसे उपाय बताया कि एक बच्चे की बलि दो तो आपको संतान हो जाएगी। इसके बाद महिला काफी दिनों से बच्चे की बलि देने का मौका तलाश रही थी। शनिवार सुबह उसे ये मौका मिल गया। उसने अपनी ही बिल्डिंग में रहने वाले साढ़े तीन साल के बच्चे की बलि दे दी।

उधर बच्चा जब गायब हुआ तो घर वाले परेशान हो गए। उन्होंने उसे बहुत ढूंढा लेकिन वह नहीं मिला। फिर पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने बच्चे की तलाश शुरू कर दी। इस बीच एक व्यक्ति की नजर घर के पीछे पड़े बोर पर पड़ी। जब उसे खोला गया तो उसमें से बच्चे की लाश मिली। पुलिस ने बच्चे का शव पोस्टमार्टम के लिए रोहिणी के अंबेडकर अस्पताल भेज दिया।

जांच के दौरान पुलिस ने बिल्डिंग में रहने वाले कई लोगों से पूछताछ की। फिर वे हत्यारी महिला तक पहुंच गए। आरोपी महिला ने बताया कि शादी के बाद से उसे संतान की प्राप्ति नहीं हुई। इसलिए वह मदद के लिए एक तांत्रिक के पास गई। उससे उसने काल जादू सीखा। उसी के कहने पर बच्चे की बलि चढ़ाई।

महिला का बयान सुनने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। वहीं इस घटना के बाद लोगों के बीच बहुत गुस्से का माहौल रहा। पुलिस फिलहाल उस तांत्रिक की भी तलाश में जुटी हुई है जिसने महिला को बच्चे की बलि देने की सलाह दी थी। इस सिलसिले में वे लगातार जगह जगह छापे भी मार रही है। उम्मीद की जा रही है कि आरोपी तांत्रिक भी जल्द पकड़ा जाएगा।

ये काफी दुखद है कि एक अंधविश्वास के चलते मासूम बच्चे की जान चली गई। हमारी भी आप से विनती है कि आप इन तांत्रिकों के चक्कर में न पड़ें। ऐसे किसी भी अंधविश्वास से जुड़ रहे जिससे किसी की जान या सेहत को नुकसान पहुंच सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *