छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुए नक्सली हमले के बाद जवान राजेश्वर मनहास का अपहरण कर लिया गया था और नक्सली इन्हें अपने साथ ले गए थे। जिसके बाद से ही भारत सरकार राजेश्वर मनहास की रिहाई की कोशिश कर रही हैं। इसी बीच नक्सलियों ने आज जवान राजेश्वर मनहास की एक फोटो जारी की है। लापता जवान की फोटो जारी होने से पहले, बीजापुर के एक पत्रकार ने ये दावा भी किया था कि उसके पास नक्सलियों ने दो बार फोन किया था। नक्सलियों का कहना है कि जवान घायल है। उसे दो दिन में रिहा कर दिया जाएगा।

सीआरपीएफ के सूत्रों का कहना है कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी माओवादी ने जवान को रिहा करने के लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं। नक्सलियों की पहली शर्त है कि सरकार एक मध्यस्थ नियुक्त करे। जब तक मध्यस्थों के नाम का एलान नहीं होगा, तब तक जवान को रिहा नहीं किया जाएगा।

फोन पर कही ये बात

बीजापुर के एक पत्रकार ने बताया कि उसके पास दो बार फोन आया था। फोन में कहा गया था कि एक जवान को उन्होंने पकड़ रखा है। उस जवान को गोली लगी है। वो घायल है। उसका इलाज किया जा रहा है और दो दिन में उसे रिहा कर दिया जाएगा। नक्सलियों ने जवान के फोटो और वीडियो भी जल्द जारी करने की बात कही।

गौरतलब है कि बीजापुर में जवानों पर नक्सलियों ने हमला कर दिया था। मुठभेड़ के बाद से कोबरा कमांडो राजेश्वर मनहास लापता थे। इनकी तलाश में सेना लगी हुई थी। इसी बीच नक्सलियों ने इनका अपहरण करने की सूचना सरकार को दी थी। वहीं पुलिस इस मामले में स्थानीय ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है और जवान का पता लगाने की कोशिश में जुटी हुई है। हालांकि इस बीच नक्सलियों ने पत्र जारी करके सरकार से बातचीत के लिए रजामंदी जाहिर की है।