देश में तेजी से पॉपुलर हो रहा ‘माइक्रो वेडिंग’ ट्रेंड, जाने क्या है सूक्ष्म शादी और इसके फायदें

भारत में शादी किसी फेस्टिवल से कम नहीं होता है। इस दिन पूरा परिवार, दोस्त और समाज जश्न मनाने एकत्रित होता है। भारतीय शादियों में कितनी भीड़ भाड़ होती है ये आप अच्छे से जानते ही हैं। हालांकि कोरोना काल में यह ग्रैंड शादियां माइक्रो शादियों में तब्दील हो गई। लोगों ने अपने मेहमानों की लिस्ट कम कर दी।

2020 से लेकर 2021 के बीच कई माइक्रो वेडिंग हुई। अब धीरे धीरे यह माइक्रो वेडिंग ट्रेंड लोगों को पसंद भी आने लगा है। माइक्रो वेडिंग यानि सूक्ष्म शादी में दूल्हा दुल्हन के सिर्फ करीबी रिश्तेदार ही शामिल होते हैं। इसमें शादी समारोह भी छोटे लेवल पर आयोजित किया जाता है। इसमें ज्यादा से ज्यादा 50-100 और कम से कम 20-25 मेहमान शामिल होते हैं।

शहर से लेकर गांव तक माइक्रो वेडिंग ट्रेन्ड फॉलो किया जा रहा है। अब तो कोरोना हो या नहीं तो भी बहुत से लोग इस सूक्ष्म शादी को आयोजित करने की इच्छा रखते हैं। दरअसल ऐसी सूक्ष्म शादियों के बहुत सारे फायदें होते हैं जो इस प्रकार है –

1. इस तरह की शादी का सबसे बड़ा फायदा पैसों की सेविंग्स होती है। भव्य शादियों में फिजूल खर्ची बहुत बड़ जाती है। कई बार तो ऐसी विशाल शादी करने के लिए बेटी का पिता कर्ज के बोझ तले डब भी जाता है। माइक्रो वेडिंग के चलते ये फालतू का खर्चा कम हो गया है। अब यही पैसे सेव होने पर बाद में किसी अच्छे काम में इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

2. माइक्रो वेडिंग में जीजा फूफा के रूठने वाले नाटक नहीं देखने को मिलते हैं। जब शादी भव्य होती है और भीड़ भाड़ रहती है तो मेहमानों के स्वागत में थोड़ी बहुत कमी भी रह जाती है। फिर ज्यादा लोगों को देख जीजा फूफा इत्यादि अकड़ू मेहमानों की अकड़ भी बड़ जाती है। उन्हें मेहमानी में कमी की शिकायत रहती है। हालांकि माइक्रो शादी में कम मेहमान और छोटा आयोजन होने की वजह से वे भी ज्यादा नखरे नहीं दिखा पाते हैं।

3. माइक्रो वेडिंग में खाना भी कम ही बनता है। ऐसे में आप इसमें कई सारी वैराईटी रखवा सकते हैं। वहीं कम खाना बनने पर इसकी गुणवत्ता में भी कोई कमी नहीं देखने को मिलती है। इसके अलावा खाने के काउन्टर पर भी साफ सफाई बनी रहती है। माइक्रो वेडिंग में कई लोग बफेट की बजाय पंगत सिस्टम भी रख देते हैं। इससे खाने की बर्बादी भी रुक जाती है।

4. माइक्रो वेडिंग का वेन्यू छोटा होता है जिसके पैसे भी कम लगते हैं। वहीं छोटी सी जगह को अच्छे से सजा भी सकते हैं। इसमें खर्चा कुल मिलाकर बहुत कम हो जाता है।

5. माइक्रो वेडिंग एक तरह से बहुत सुरक्षित भी होती है। इसमें चोरी चकारी का डर भी कम रहता है। वहीं पूरा कार्यक्रम बिना किसी बवाल के शांतिपूर्ण ढंग से हो जाता है।

6. कहते हैं समय बहुत कीमती होता है। जब भव्य शादी होती है तो इसकी तैयारी में समय भी बहुत लगता है। वहीं माइक्रो वेडिंग की तैयारी कम समय में ही हो जाती है। शादी की रस्में भी दो तीन दिनों में निपट जाती है। इसके लिए दूल्हा दुल्हन और उनके रिश्तेदारों को जॉब से ज्यादा लंबी छुट्टी भी नहीं लेनी पड़ती है।

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