जब चलती ट्रेन के नीच फंस गई थी जया प्रदा, 5 मिनट तक करती रही मौत से संघर्ष, ऐसे बची जान

बॉलीवुड की जानी-मानी और ख़ूबसूरत अभिनेत्री जया प्रदा आज अपना 59वां जन्मदिन मना रही हैं. जया प्रदा का जन्म 3 अप्रैल 1962 को राजामुंद्री में हुआ था. एक सफल अभिनेत्री के साथ ही जया प्रदा की गिनती एक सफल राजनेत्री के रूप में भी होती है. आइए आज जया प्रदा के जन्मदिन के अवसर पर हम आपको उनकी ख़ास बातों से अवगत कराते हैं..

जया प्रदा ने बहुत छोटी उम्र में ही फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था. करीब 17 साल की उम्र में उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपने कदम रख दिए थे. उनकी पहली फिल्म सरगम थी, जो कि साल 1979 में आई थी. इस फिल्म में जया प्रदा दिग्गज़ और दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर के साथ देखने को मिली थी.

80 और 90 के दशक में जया प्रदा ने खूब सुर्खियां बटोरीं. अपनी अदाकारी और फिल्मों के साथ ही जया अपनी ख़ूबसूरती के चलते भी लाखों-करोड़ों दिलों पर राज करती थी. उनका असली नाम ललिता रानी रावणम हैं. जया प्रदा अब फ़िल्मी दुनिया में सक्रिय नहीं है, लेकिन वे एक लंबे अरसे से राजनीति की दुनिया में दमखम दिखा रही है.

जया प्रदा का नाम उन फ़िल्मी सितारों में शुमार है, जिन्हें हिंदी सिनेमा की तरह ही राजनीति भी बहुत रास आई है. जया प्रदा सबसे पहले
तेलगु देशम पार्टी से जुड़ी. फिर वे दिग्गज़ और दिवंगत राजनेता रहे अमर सिंह के चलते समाजवादी पार्टी में शामिल हुई. कई सालों तक सपा में रहने के बाद फिर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया.

इस बात में कोई दो राय नहीं है कि, जया प्रदा को अपने फ़िल्मी और राजनीतिक करियर में ख़ूब सफ़लता मिली है, लेकिन निजी ज़िंदगी में उन्हें काफी दर्द झेलने पड़े हैं, जबकि राजनीतिक जीवन के दौरान भी उन्हें ऐसा ही अनुभव हुआ है. साल 1986 में जया ने शादीशुदा फिल्म प्रोड्यूसर श्रीकांत नाहटा से विवाह किया था. शादीशुदा नाहटा से शादी करने के चलते जया को ‘होम ब्रेकर’ और ‘दूसरी औरत’ जैसे ताने सुनने को मिलते थे.

जया प्रदा को शादीशुदा होने के बाद भी कभी पत्नी का दर्जा प्राप्त नहीं हो सका. जबकि वे कभी मां भी नहीं बन पाई. बाद में उन्होंने अपनी बहन के बेटे को गोद लिया था. जया प्रदा की ज़िंदगी से जुड़े कई किस्से मशहूर है. ज़िंदगी में कई दर्द झेलने वाली जया प्रदा एक बार मौत को मात देने में भी कामयाब रही थी.

दरअसल, जया प्रदा एक बार बचपन में ट्रेन के नीचे फंस गई थी और इस बात का ख़ुलासा उन्होंने टीवी शो ‘जीना इसी का नाम है’ में किया था. जया प्रदा इस शो में अमर सिंह के साथ पहुंची थी. इस दौरान उन्होंने अपने बचपन का यह रूह कंपा देने वाला किस्सा सभी के साथ साझा किया था.

करीब 20 साल पहले जया प्रदा ने टीवी शो ‘जीना इसी का नाम है’ में बड़ा ख़ुलासा करते हुए इस ट्रेन हादसे के बारे में कहा था कि जब वह और उनके भाई दोनो ही छोटे थे, तब एक दिन वह रेल की पटरी के किनारे खेल रहे थे और ट्रेन पटरी पर ही खड़ी थी. जया ने कहा कि मेरा भाई खेलने के दौरान ट्रेन के नीचे से निकल गया था और फिर मैंने भी ऐसा ही किया, हालांकि जैसे ही मैं ट्रेन की पटरी के नीचे पहुंची, अचानक ट्रेन चल पड़ी.

जया ने आगे कहा कि ट्रेन चलते ही उनका भाई ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने लगा और ट्रेन रोकने की गुज़ारिश करने लगा. इसके बाद ड्राइवर ने तुरंत ट्रेन रोक दी थी. जया ने आगे कहा कि, इस घटना से वे बेहद घबरा गई थी. डर के कारण वे पटरी पर ही लेट गई और फिर 5 मिनट तक ट्रेन के नीचे ही फंसी रही. ट्रेन के नीचे से निकलते ही फिर वे तेज़ी से भागकर आगे बढ़ गई.

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