कोरोना को देखते हुए सीएम शिवराज ने लिया बड़ा फैसला, महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ सीमाओं को किया सील

कोरोना की आई दूसरी लहर को देखते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा फैसला लिया है और अपने राज्य की सीमाओं को सील करने का ऐलान किया है। पड़ोसी राज्यों में कोरोना की बिगड़ी स्थिति को देखते हुए ये कदम मध्यप्रदेश सरकार द्वारा उठाया गया है। दरअसल इस समय मध्यप्रदेश से लगे महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ राज्य में कोरोना बुरी तरह से फैल गया है और रोज यहां पर हजारों कोरोना के मामले आ रहे हैं। इन दोनों राज्यों की बुरी स्थिति को देखते हुए महाराष्ट्र की सीमा को सील किया गया है और छत्तीसगढ़ से आने-जाने पर भी कई प्रतिबंध लगाए जाने वाले हैं।

शिवराज सिंह चौहान ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि खुद को प्रेरित करने के अलावा दूसरों को सीख देनी भी जरूरी है। साथ ही लोगों के साथ सख्ती करनी भी जरूरी है। राज्य में सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं कि अगर स्थिति नियंत्रण से बाहर होती है तो वो लॉकडाउन लगाने का फैसला ले सकते हैं। रविवार से कोई भी जिला लॉकडाउन लगा सकता है।

इन्होंने कहा कि हमारे पड़ोसी राज्यों में स्थिति बहुत बुरी है। महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में स्थिति संकटपूर्ण है। हमने महाराष्ट्र की सीमा को सील किया है, छत्तीसगढ़ से आने-जाने पर भी प्रतिबंध लगेगा। महाराष्ट्र से सटे जिलों में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अब मालवाहक, आवश्यक सेवा और आपातकालीन आवाजाही को ही अनुमति दी गई है।

कोरोना की स्थिति को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने बैठक की और उसके बाद कहा कि राज्य में सभी लोगों का मास्क पहनना बेहद जरूरी है। मास्क ना लगाने वालों पर जुर्माना लगेगा और कुछ समय के लिए उन्हें ओपन जेल में भी रखा जा सकता है। निजी अस्पतालों में बिस्तर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। आयुष्मान कार्डधारक का इलाज मुफ्त में किया जा सकता है। जिन जिलों में लॉकडाउन लगा हुआ है। वहां टीकाकरण का कार्य जारी रहेगा। सार्वजनिक आयोजन और मेलों की अनुमति नहीं दी जाएगी।

गौरतलब है कि देश में कल 90 हजार से अधिक कोरोना के नए केस सामने आए हैं। इसमें से सबसे अधिक कोरोना के मामले महाराष्ट्र से आए हैं। महाराष्ट्र में कई दिनों से 40 से 50 हजार के करीब कोरोना के मामले आ रहे हैं। जो कि चिंता का विषय है। हालांकि कोरोना को काबू में लाने के लिए वैक्सीन अभियान में तेजी लाई गई है। ताकि कम समय में ही अधिक से अधिक लोगों को कोरोना की वैक्सीन दी जा सके।

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