एक ही लड़की से ब्याह करने पहुंच गए 7 दूल्हे, करने लगे मंडप पर दुल्हन का इंतजार लेकिन

मध्यप्रदेश में एक लड़की से विवाह करने के लिए सात दूल्हे मंडप पर पहुंच गए और अपनी दुल्हन का इंतजार करने लगे। लेकिन मंडप पर न दुल्हन पहुंची न ही उसके घर वाले। जिसके बाद सातों दूल्हे पुलिस थाने पहुंच गए और खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। ये अजीबो-गरीब मामला मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल का है। शुक्रवार को भोपाल के कोलार थाने में सात दूल्हे शिकायत लेकर पहुंचे और इन सातों दूल्हे की एक ही कहानी थी। इन्होंने पुलिस को बताया कि जब हम बारात लेकर पहुंचे, तो न दुल्हन थी, न घरवाले और न ही शादी कराने वाले। सातों दूल्हों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने ठगी करने वाली संस्था के संचालकों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार संस्था ने इन सभी से शादी कराने के 20-20 हजार रुपये लिए थे।

संस्था शगुन जन कल्याण सेवा समिति ने इन सातों दूल्हों से 20 हजार रुपये लिए और इनसे वादा किया कि इनकी शादी करवा देंगे। इसके बाद संस्था ने सातों दूल्हों को एक ही पता दिया। जहां पर ये बारात लेकर पहुंच गए। पुलिस ने बताया कि गरीब लड़कियों को अच्छा रिश्ता दिलाने के बहाने लड़कों को दिखाया जाता था। इन्हीं लड़कियों को दिखाकर वर पक्ष से 20-20 हजार रुपये रजिस्ट्रेशन के नाम पर वसूले जाते थे। वहीं बाद में लड़कियों से कहते थे कि लड़के ने शादी से मना कर दिया। जबकि तय तारीख पर लड़का बारात लेकर पहुंचता तो उसे वहां कोई नहीं मिलता।

इस तरह से इन्होंने कई लोगों को अपना शिकार बनाया था। जानकारी के मुताबिक, मेहगांव, भिंड निवासी 35 वर्षीय केशव बघेल गुरुवार को बारात लेकर आए। लेकिन घर पर ताला लगा मिला। बताए गए पते पर न तो दुल्हन थी और न परिवार वाले। परेशान होकर केशव कोलार थाने पहुंचे, तो यहां पहले से छह दूल्हे और उनके परिजन शिकायत दर्ज करवा रहे थे। केशव के बहनोई जगदीश ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि तीन महीने पहले भिंड गए थे। बस स्टैंड पर उन्हें शगुन जन कल्याण सेवा समिति का पर्चा मिला। जिसपर दिए गए नंबर पर उन्होंने फोन किया। पर्चे में लिखा गया था कि ये लोग गरीब बच्चियों की शादी कराती है। जब नंबर पर फोन किया गया तो एक महिला ने कॉल उठाया और अपना नाम रोशनी तिवारी बताया। फोन पर रोशनी ने उन्हें कोलार के विनीत कुंज स्थित ऑफिस बुलाया।

जगदीश के अनुसार वो 16 जनवरी की दोपहर ऑफिस पहुंचे। उन्हें 25 वर्षीय लड़की दिखाई गई। इसके बाद रिश्ता तय किया गया। रोशनी ने लड़की को अपनी बेटी बताया था और शादी कराने के नाम पर 20 हजार रुपये लिए थे। तय तारीख को जब केशव कोलार में बताए पते पर पहुंचा, तो वहां ताला मिला। उन्होंने रोशनी और उसके साथियों को कॉल किया, लेकिन सभी के फोन बंद थे। समिति के ऑफिस में भी ताला लगा था। पुलिस ने अभी तक की अपनी जांच में पाया कि रिंकू, कुलदीप और रोशनी तिवारी नाम के लोग इस रैकेट को चलाते थे। ये लोग शादी के नाम पर पैसे लेते थे और रिश्ता तय करवा देते थे। हालांकि लड़की को वर दिखाने के बाद में रिश्ता रद्द करते थे। ये लड़कों से कहते थे कि लड़की वालों ने मना कर दिया। कुलदीप तिवारी और उसकी पत्नी रोशनी तिवारी शगुन जन कल्याण सेवा समिति संचालित करते हैं। रोशनी लड़की की मां बनती थी। रिंकू सेन संस्था का कर्मचारी बनता था।

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